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 उत्तर प्रदेश सरकार

अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान
संस्कृति विभाग, उ0प्र0

तुलसी स्मारक भवन ,अयोध्या, उत्तर प्रदेश (भारत) 224123.
सम्पर्कः : +91-9532744231

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अयोध्या शोध संस्थान

परिक्रमा 14 कोसी

14 Kosi

चौदहकोसी परिक्रमा

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की नवमी को अयोध्या के चौदहकोस  परिवृत्त से परिक्रमा की जाती है। इस परिक्रमा को करने के लिए भक्त अयोध्या आते हैं और स्थानीय लोग नवमी का इंतजार करते हैं। तिथि के लगने पर सरयू स्नान कर परिक्रमा पथ को शीशे से स्पर्श कर प्रणाम कर भगवान का ध्यान कर परिक्रमा प्रारम्भ करते हैं । परिक्रमा अवधि में नंगे पैर चलते हुये भजन आदि करते हुये परिक्रमा प्रारम्भ स्थल पर पहुँच कर परिक्रमा को समाप्त कर अयोध्या के मंदिरों का दर्शन कर अपने स्थान को वापस जाते हैं।

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अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान

अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की स्थापना संस्कृति विभाग, उ०प्र० शासन द्वारा एतिहासिक तुलसी भवन, अयोध्या में 18 अगस्त, 1986 को की गयी। यह संस्कृति विभाग की स्वायत्तशासी संस्था है। वस्तुतः अयोध्या की पावन भूमि पर सरयु के तट स्थित रामघाट के निकट गोस्वामी तुलसीदास जी ने सम्वत्‌ 1631 की नवमी तिथि भौमवार को श्रीरामचरित मानस की रचना प्रारम्भ की

कैंप कार्यालय

अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान

अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की स्थापना संस्कृति विभाग, उ०प्र० शासन द्वारा एतिहासिक तुलसी भवन, अयोध्या में 18 अगस्त, 1986 को की गयी। यह संस्कृति विभाग की स्वायत्तशासी संस्था है। वस्तुतः अयोध्या की पावन भूमि पर सरयु के तट स्थित रामघाट के निकट गोस्वामी तुलसीदास जी ने सम्वत्‌ 1631 की नवमी तिथि भौमवार को श्रीरामचरित मानस की रचना प्रारम्भ की
कैंप कार्यालय

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