पुण्यहरि
अयोध्या के निकट पुरा बाजार नामक स्थान से 3 कि0मी0 दूर सरयू के किनारे बिल्लहरि का स्थान है । पौराणिक कथाओं क अनुसार नारद मुनि क श्राप से ग्रसित हो गर्न्धव को बिल्व रूप धारण करना पड़ा और यह स्थान पर निवास कर रहा था कालान्तर में श्रीराम के दर्शन से लभान्वित होकर उसने मूल रूप प्राप्त किया और परमधाम में चला गया । उसने यहाँ पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित की थी ।