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अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान संस्कृति विभाग, उ0प्र0

अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान संस्कृति विभाग, उ0प्र0

तुलसी स्मारक भवन ,अयोध्या, उत्तर प्रदेश (भारत) 224123

दन्त धावन कुण्ड

दन्त धावन कुंड हनुमान गढ़ी के निकट स्थित है । पौराणिक धारणा के अनुसार भगवान राम इस स्थान पर अपने भाईयों के साथ दाँत साफ करते थे। एक चर्चित कथा के अनुसार इस स्थान पर कौनडिल्य ब्राह्मण निवास करते थे। कौनडिल्य हिरण की खाल पर बैठते थे । एक दिन खाल कुंड ने गिर गयी। कुंड में गिरने के उपरान्त खाल एक जीवित हिरण में परिवर्तित हो गयी। अपनी मृत्यु से पूर्व ऋषि ने बताया कि वह अपने पूर्व जन्म में एक व्यापारी थे। मृत्यु के उपरान्त ऋषि को तुलसी की पूजा करने का वरदान दिया गया और कुंड के पानी के स्पर्श के बाद ऋषि अपने जन्म के पापो से मुक्त हो गये । इस कुंड की महत्ता राम नवमी के पर्व से जुड़ी है।